देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राजनाथ सिंह व नितिन गडकरी ने राजस्थान के बाड़मेर में ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ का उद्घाटन किया. देश के 19 स्थानों पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधाएं को विकसित की जाएंगी

राजस्थान :  राजस्थान के बाड़मेर के गंधव भाकासर खंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-925 पर भारतीय वायु सेना के विमानों के लिए ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ का बृहस्पतिवार को केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उद्घाटन किया. वायु सेना के एक हरक्यूलिस सी-130जे विमान ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘मॉक इमरजेंसी लैंडिंग’ की. इस दौरान दोनों मंत्री और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत विमान में सवार थे.

रक्षा मंत्री ने कहा कि अभी देश भर में बाड़मेर के समान कुल 20 आपातकालीन लैंडिंग स्ट्रिप्स विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “केंद्रीय सड़क मंत्रालय की मदद से कई हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं. यह हमारे सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.

उन्होंने कहा, “यह सोच थी कि अगर रक्षा पर ज्यादा खर्च किया गया तो देश का विकास प्रभावित होगा लेकिन आज, एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक आपातकालीन लैंडिंग पट्टी देखकर, मैं सुरक्षित रूप से कह सकता हूं कि रक्षा और विकास साथ-साथ चल सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास इतनी पट्टी बनाकर हमने एक संदेश दिया है कि हम अपने देश की एकता, विविधता और संप्रभुता के लिए किसी भी कीमत पर खड़े होंगे.

 परिवहन मंत्री गडकरी ने बताया कि देश में अन्य 19 जगहों पर आपातकालीन लैंडिंग की सुविधा विकसित की जाएगी. इनमें राजस्थान में फलोदी-जैसलमेर सड़क व बाड़मेर-जैसलमेर सड़क, पश्चिम बंगाल में खड़गपुर-बालासोर सड़क, खड़गपुर-क्योंझर सड़क व पानागढ़/केकेडी के पास, तमिलनाडु में चेन्नई, पुडुचेरी सड़क पर, आंध्र प्रदेश में नेल्लोर- ओंगोल सड़क व ओंगोल-चिलकालुरिपेट सड़क पर, हरियाणा में मंडी डबवाली से ओधन सड़क पर, पंजाब में संगरूर के नजदीक, गुजरात में भुज-नलिया सड़क और सूरत-बड़ौदा सड़क पर, जम्मू और कश्मीर के बनिहाल-श्रीनगर सड़क, लेह/न्योमा क्षेत्र में, असम में जोरहाट-बाराघाट सड़क पर, शिवसागर के नजदीक, बागडोगरा-हाशिमारा सड़क पर और असम में हाशिमारा-तेजपुर मार्ग व हाशिमारा-गुवाहाटी सड़क हैं.

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एनएच-925ए के सट्टा-गंधव खंड के 3-किमी खंड को IAF के लिए ELF के रूप में विकसित किया है.यह एनएच-925ए राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय वायुसेना के विमानों के लिए बना पहला ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ है. 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भारतीय वायु सेना के लिए आपातकालीन स्थिति में विमान उतारने के वास्ते एनएच-925ए के सट्टा-गंधव खंड के तीन किलोमीटर के हिस्से पर ‘ईएलएफ’ का निर्माण किया है. यह सुविधा भारतमाला परियोजना के तहत गगरिया-बखासर और सट्टा-गंधव खंड के नव विकसित ‘टू-लेन पेव्ड शोल्डर’ का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 196.97 किलोमीटर है और इसकी लागत 765.52 करोड़ रुपये है.

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