आपदा एवं प्रबंधन विभाग तथा जल संसाधन विभाग के सचिव द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से की गई बातचीत।

साहिबगंज दिनांक-18.08.2021- * नया परिसदन स्थिति सभागार में आज सचिव आपदा प्रबंधन विभाग श्री अमिताभ कौशल, सचिव जलसंसाधन विभाग श्री प्रशांत कुमार एवं कृषि विभाग एवं भूमि संरक्षण निदेशक सुभाष सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ ज़िले में बाढ़ के हालात का अवलोकन करने एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनता की समस्या से रूबरू होने के उद्देश्य से बातचीत की गई।

■कल एवं आज हुए अवलोकन

इसी संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से रूबरू होते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विभाग श्री अमिताभ कौशल ने बताया कि साहिबगंज जिले में बाढ़ की स्थिति से उत्पन्न हुए परिस्थिति से निपटने को लेकर उन्होंने उपायुक्त के साथ कल हवाई परीक्षण किया था, जिसके उपरांत उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को को उचित सुविधाएं मुहैया कराने हेतु आवश्यक बैठक की साथ ही कल शाम उन्होंने उपायुक्त एवं सचिव जल संसाधन विभाग के साथ बोट के माध्यम से शहरी क्षेत्र का भ्रमण शकुंतला सहाय घाट साहिबगंज में स्थापित किए गए पशु राहत शिविर का मुआयना भी किया था।

सचिव आपदा एवं प्रबंधन विभाग की कौशल ने बताया कि इसी क्रम में उन्होंने उपायुक्त रामनिवास यादव के साथ राहत शिविर जहां लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से फूड पैकेट तैयार किये जा रहे हैं उनका निरीक्षण किया,जहां उन्होने राहत शिविर में फूड पैकेट की उपलब्धता खाद्य सामग्री,निर्माण किए जा रहे फ़ूड पैकेट, तैयार कर रहे लोगों की उपलब्धता आदि का जायजा लिया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

■मीडिया प्रतिनिधियों से मुलाकात

मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के क्रम में उन्होंने विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे जनता की परेशानियों के संबंध में बातचीत की तथा उनका सुझाव जाना।

बातचीत के क्रम में आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सचिव श्री कौशल ने प्रतिनिधियों से बताया कि साहिबगंज जिले में 14 ऐसे पंचायत हैं जो बाढ़ से प्रभावित हुए हैं एवं 17 आंशिक रूप से प्रभावित है साथ ही साहिबगंज जिले के शहरी क्षेत्र में 18 वार्ड बाढ़ की चपेट में आए हैं एवं राजमहल अनुमंडल के 6 वार्ड बाढ़ की चपेट में है वही 133 गांव इस वर्ष बाढ़ के चपेट में आए हैं तथा कुल 250 स्क्वायर फीट एरिया बाढ़ से प्रभावित हुआ है।

वहीं उन्होंने रिपोर्ट के अनुसार बताया कि कुल 48000 परिवार इस वर्ष बाढ़ से प्रभावित हुआ है।

इसी क्रम में सचिव श्री कौशल ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि उन्होंने राहत शिविरों का असेसमेंट कर कितनी संख्या में खाद्य सामग्री जा रहे हैं इसका निरीक्षण किया है, जहां उन्होंने उपायुक्त से कहा है कि खाद्य सामग्री को और बढ़ाने की आवश्यकता है। नाव एवं वोट की उपलब्धता के विषय में बात करते हुए बताया कि जिला प्रशासन के पास 48 नाव उपलब्ध हैं और उपायुक्त श्री यादव से और नाव उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया है।

■बाढ़ में फंसे पशुओं को तत्काल निकाला जाएगा

आपदा प्रबंधन विभाग सचिव श्री कौशल ने पशुओं के लिए बनाए गए राहत सामग्री के विषय में बताते हुए कहा कि दियारा क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित हुए पशुओं की सुरक्षा हेतु शेल्टर कैंप की व्यवस्था की गई है,जहां पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा चुकी है। वही वैसे पशु जो बाढ़ में फंसे हुए हैं उन्हें उनका रेस्क्यू करने हेतु भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा नाव मोब्लाइज कर पशुओं को रेस्क्यू का कार्य करने की बात कही, कहा कि जिला प्रशासन को एलसीटी के माध्यम से बाढ़ में फंसे पशुओं को तत्काल निकालने का निर्देश दिया है। साथ ही वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा स्नेक रेस्क्यू टीम के गठन की बात कही। रेस्क्यू टीम द्वारा एक नीलगाय का रेस्क्यू भी किया गया है।

उन्होंने मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में बताया गया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सिविल सर्जन के सहयोग से एक मेडिकल टीम गठित की जा रही है जो दियारा क्षेत्रों में जा कर उन लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराएंगे।

इस दौरान विद्युत की समस्या के विषय में बातचीत करते हुए आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अमिताभ कौशल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली की समस्या को देखते हुए मोमबत्ती वितरित की जा रही है साथ ही एलईडी लाइट की व्यवस्था भी की जा रही है।

सचिव श्री कौशल ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से पीने के पानी की सुविधा हेतु टैंकर की व्यवस्था की गई है,वही दियारा क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।

मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी निकलने के पश्चात फसल क्षति का आकलन भी किया जाएगा एवं फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

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