साईबर क्राइम का नया मॉडस ऑपरेंडी |धनबाद, डॉक्टर ठगी का मामला

धनबाद | साइबर क्रिमिनल लोगों को ठगने के लिए विभिन्न तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कभी बैंक मैनेजर बनकर, कभी कस्टमर केयर का अधिकारी बनकर सहित विभिन्न तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों की कड़ी मेहनत से जमा की गई रकम को चंद मिनट में उड़ा लेते हैं।

ऐसा ही एक वाक्य आज एक चिकित्सक के साथ हुआ। समाहरणालय में प्रोग्राम मैनेजर के पद पर काम करने वाले और अपना नाम धीरज कुमार बताने वाले एक ठग ने एक चिकित्सक को फोन कर उनकी डीएमएफटी के तहत नियुक्ति कराने के नाम पर ₹60000 देने के लिए फोन किया।

ठग ने चिकित्सक से कहा कि वह समाहरणालय में प्रोग्राम मैनेजर है। सभी चिकित्सकों का फाइनल सिलेक्शन का लिस्ट उसके पास आता है। उसने कहा कि आपका नाम रिजेक्ट लिस्ट में है। मेरे पास रिजेक्ट और एक्सेप्ट का फॉर्म आता है। इसी के आधार पर मेरिट लिस्ट और जॉइनिंग लेटर बनता है।

ठग ने आगे कहा कि यदि आप मेरे बैंक अकाउंट में ₹20000 ट्रांसफर करेंगे तो मैं आपका नाम मेरिट लिस्ट में डाल दूंगा और आपको एक क्वालीफाई मेल मिलेगा साथ ही जॉइनिंग लेटर भी मिल जाएगा। जॉइनिंग लेटर मिलने के बाद आपको ₹40000 और देने होंगे।

जालसाज की बातों से चिकित्सक ने भाप लिया कि यह एक ठग है। चिकित्सक ने सरायढेला थाना में जालसाज धीरज कुमार के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई।

वहीं एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि किसी को भी ऐसे जालसाज के झांसे में नहीं आना है। ऐसा फोन यदि किसी को आता है तो वे तुरंत डीएमएफटी से संपर्क करें। जिला प्रशासन ऐसे जालसाजों से सख्ती से निपटेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *