जन्म एवं मृत्यु निबंधन पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित ,सभी पंचायत, सीएचसी, पीएचसी तथा एचएससी में बनाया जा सकता हैं।

मंगलवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में जन्म एवं मृत्यु निबंधन को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

धानबाद । इस अवसर पर डीडीसी ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र विकास की पहली कड़ी है। ये प्रमाण पत्र सभी के लिए महत्वपूर्ण सर्टिफिकेट है। किसी भी व्यक्ति को इसकी कभी भी आवश्यकता पड़ सकती है।

डीपीओ ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने से पूर्व सभी तरह की छानबीन कर ले। कोई भी आवश्यक जानकारी छूटनी नहीं चाहिए। इसे निर्गत करने की सभी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। यदि किसी प्रकार की परेशानी हो तो वरीय पदाधिकारी से संपर्क करें।प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सभी पंचायत, सीएचसी, पीएचसी तथा एचएससी में बनाया जा सकता है। शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम, एसएनएमएमसीएच, नगर पंचायत, सीएचसी, पीएचसी तथा धनबाद सदर अस्पताल में बनाया जा सकता है।

मंगलवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में जन्म एवं मृत्यु निबंधन को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1969 के तहत 32 धाराओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। साथ ही निर्धारित समय अवधि, आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी, विलंब से किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन, सरोगेसी, एआरटी और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन तकनीक द्वारा जन्मे बच्चों का रजिस्ट्रेशन, खोए हुए व्यक्तियों का मृत्यु रजिस्ट्रेशन, प्राकृतिक आपदा और विपत्तियों में मृत्यु का रजिस्ट्रेशन सहित अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम में डीडीसी श्री दशरथ चंद्र दास, डीपीओ श्री महेश भगत, सिविल सर्जन डॉ श्याम किशोर कांत, प्रशिक्षक श्री देवेंद्र कुमार सिंह, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी श्री परशुराम सिंह, श्री अनिल कुमार, श्री मुलिन मरांडी, श्री प्रमोद कुमार, श्री विजय कुमार गोप, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी व अन्य लोग उपस्थित थे।

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