आर्यन खान मुंबई के आर्थर रोड जेल से हुए रिहा, मगर मानने होगे कोर्ट के शर्तें

मुबई :  ड्रग्स केस में फंसे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को मुंबई के आर्थर रोड जेल से रिहा हो गए हैं. आपको बता दें कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन 28 दिनों बाद आर्थर रोड जेल से रिहाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज सुबह करीब 11 बजे उन्हें रिहा किया गया.

जेल के बाहर मीडिया का जमावड़ा लगा हुआ था और सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी मौजूद थे. आर्यन ख़ान को जेल से निकलते ही तुरंत गाड़ी में बैठाया गया और वो रवाना हो गए.

गुरुवार को 23 साल के आर्यन ख़ान को बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन दिनों तक चली सुनवाई के बाद ड्रग मामले ज़मानत दे दी थी लेकिन एक रात और उन्हें जेल में गुज़ारनी पड़ी थी.

ज़मानत से जुड़े दस्तावेज़ समय पर नहीं मिल पाने के कारण ऐसा हुआ.

जेल प्रशासन को शनिवार सुबह 5:30 बजे ये दस्तावेज दिए गए, जिसके बाद आर्यन ख़ान की रिहाई हुई है.

जूही चावला ने कोर्ट के बाहर मीडिया से कहा था, “मैं बहुत ख़ुश हूँ कि ये सब ख़त्म हुआ और आर्यन जल्द ही घर आ जाएगा. ये सभी के लिए बहुत राहत की बात है. आप को बतादे अभिनेत्री जूही चावला ने एक लाख रुपए के बेल बॉन्ड पर हस्ताक्षर किया था.

कोर्ट की शर्तें

कोर्ट ने ज़मानत के साथ 14 शर्तें भी रखी हैं, जिनका उल्लंघन होने पर ज़मानत रद्द हो जाएगी.

इन शर्तों में एक लाख का मुचलका भरने से लेकर इस तरह के किसी भी मामले से बचने की हिदायत शामिल है. इसके अलावा सभी अभियुक्तों को अपना पासपोर्ट स्पेशल कोर्ट में जमा कराना होगा.

  1. हर अभियुक्त को एक लाख रुपये का मुचलका भरना होगा.
  2. अभियुक्तों को इस बात का खयाल रखना होगा कि इस तरह के किसी मामले में दोबारा शामिल ना हों.
  3. अभियुक्त किसी भी सह-अभियुक्त से संपर्क नहीं करेंगे, या इस मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति से किसी भी तरीक़े से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे.
  4. ये मामला जब तक एनडीपीएस की स्पेशल कोर्ट के पास है तब तक अभियुक्त ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे इस केस पर कोई असर पड़े.
  5. अभियुक्त सीधे या किसी के ज़रिए गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे.
  6. सभी अभियुक्तों को अपना पासपोर्ट स्पेशल कोर्ट में जमा करना होगा.
  7. अभियुक्त इस केस को लेकर टेलीविजन, प्रिंट या सोशल मीडिया पर भी कोई बयान या टिप्पणी नहीं देंगे.
  8. एनडीपीएस के स्पेशल जज की अनुमति के बिना अभियुक्त देश से बाहर नहीं जाएंगे.
  9. मुंबई से बाहर जाने के लिए अभियुक्तों को जांच अधिकारी को सूचित करना होगा और उन्हें ज़रूरत की जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी.
  10. अभियुक्तों को हर शुक्रवार 11 बजे से दोपहर दो बजे के बीच एनसीबी के दफ़्तर जा कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी.
  11. जब तक कोई ज़रूरी कारण न हो, कोर्ट में सुनवाई की हर तारीख पर अभियुक्तों को उपस्थित होना होगा.
  12. एक बार जब केस का ट्रायल शुरू हो जाए तो अभियुक्त किसी भी तरह ट्रायल में देरी का कारण नहीं बनेंगे.
  13. जब भी जांच के लिए एनसीबी अभियुक्तों को बुलाएगी, उन्हें उपस्थित होना होगा.
  14. इन शर्तों का उल्लंघन होने पर ये ज़मानत रद्द हो जाएगी.

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