राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जिला स्वास्थ्य सोसाइटी की बैठक आयोजित की गई।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम हाउस टू हाउस सर्वे करके टीबी के सक्रिय मामले किए जाएंगे चिह्नित शनिवार तक तैयार किया जाएगा त्रुटिरहित माइक्रो लेवल प्लान

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर आज उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य सोसाइटी की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि अभियान को लेकर सभी एमओआईसी शनिवार तक त्रुटिरहित माइक्रो लेवल प्लान तैयार करे। जांच करने के लिए ब्लॉक लेवल कमिटी भी तैयार करे और प्रतिदिन जांच की प्रगति रिपोर्ट जिला यक्षमा पदाधिकारी को समर्पित करे।

उन्होंने कहा अभियान को लेकर सहिया को अच्छी तरह से प्रशिक्षण दे, प्रशिक्षण के दौरान कोई जानकारी छुटे नहीं और सहिया को माइक्रो प्लान के अनुसार ही जांच करने के लिए निर्देशित करें। अभियान को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाए। सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें जिससे सक्रिय मामले की पहचान में कोई भी घर छुटे नहीं। पूर्व में जिस क्षेत्र में यक्षमा के मरीज मिले हैं वहा विशेष फोकस करे।

सिविल सर्जन ने कहा अभियान में सक्रिय मामले की पहचान करने में तेजी आएगी। 2025 तक शून्य मृत्यु के साथ यक्षमा मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य है। जिले की 50 प्रतिशत आबादी की जांच करने का लक्ष्य निर्धारित है।

जिला यक्षमा पदाधिकारी ने कहा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इसके तहत एक नवंबर 2021 तक जिले के टुंडी, तोपचांची, बाघमारा, महुदा, कतरास, झरिया सहित अन्य वल्नरेबल क्षेत्रों में प्रशिक्षित सहिया घर घर जाकर टीबी मरीज की पहचान करेगी।

हर टीम में 2 सहिया शामिल रहेगी। माइक्रो प्लान के अनुसार हाउस टू हाउस जाकर मरीज की पहचान करेगी। यदि कोई घर किसी कारणवश बंद मिलेगा तो टीम पुनः उस घर पर जाएगी।

बैठक में उपायुक्त, सिविल सर्जन, जिला यक्षमा पदाधिकारी, नोडल सह डीआरसीएचओ, सभी एमओआईसी व अन्य लोग उपस्थित थे।

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