टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच समझौता. बोनस का ऐतिहासिक समझौता, कर्मचारियों को इतना जल्दी और इतना ज्यादा पैसा बोनस में कभी नहीं मिला,

जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस समझौता हो गया. मंगलवार को शांतिपूर्वक पुराने फार्मूला के तहत ही बोनस समझौता हुआ. इस बार का समझौता पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन के अलावा तमाम वीपी के साथ वीपी एचआरएम अतरई सरकार, चीफ जुबिन पालिया समेत तमाम लोगों ने समझौता पर हस्ताक्षर कर दिया. यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी राशि कर्मचारियों के बोनस के मद में मिला है. 16 फीसदी से भी अधिक की राशि कर्मचारियों को बोनस के मद में मिला है और कुल राशि 270.28 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह टाटा वर्कर्स यूनियन की बड़ी जीत है और टाटा स्टील मैनेजमेंट की उदारता कि जब लोगों की नौकरियां जा रही है, वहां इतना ज्यादा बोनस कर्मचारियों को दिया गया है. जाहिर सी बात है कि हर चेहरे पर खुशी का भाव साफ देखने को मिला है. बोनस समझौता करके आने के बाद यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट समेत तमाम 11 पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया. गाजा बाजा के साथ सबका स्वागत किया गया जबकि यूनियन में आतिशबाजी भी की गयी. लोगों ने फूल माला पहनाकर अध्यक्ष संजीव चौधरी और उनकी पूरी टीम का स्वागत किया. कांग्रेस के बेरमो से विधायक अनूप सिंह (पूर्व मंत्री और इंटक के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र सिंह के पुत्र) भी यहां आ गये, जहां उन्होंने पूरी टीम की सराहना की. बोनस समझौता के तहत राशि कर्मचारियों के बैंक एकाउंट में सोमवार को चली जायेगी. 

पुराना फार्मूला के तहत बोनस समझौता तो हुआ, लेकिन कर्मचारियों को पिछले साल एरियर पर भी बोनस मिला था, जिस कारण राशि मिली थी और पिछले साल यह राशि 235.54 करोड़ रुपये था जबकि इस साल 270.28 करोड़ रुपये मिला है यानी 34.74 करोड़ रुपये पिछले साल से ज्यादा मिला है और एरियर की राशि पर बोनस नहीं है बल्कि कर्मचारियों का बेसिक व डीए पर यह राशि मिलने वाली है. पिछले साल सिर्फ जमशेदपुर में कर्मचारियों की संख्या 12807 थी जबकि इस साल यह संख्या घटकर 12558 हो चुकी है यानी 249 कर्मचारी की संख्या कम है. कर्मचारी की संख्या घट गयी, बोनस की राशि 34.74 करोड़ रुपये भी बढ़ गया और एरियर का मामला भी नहीं है यानी सीधे सीधे प्रत्येक कर्मचारियों को काफी ज्यादा लाभ मिलने जा रहा है. पिछले साल अधिकतम बोनस 3 लाख 1 हजार 402 रुपये था जबकि इस साल 3 लाख 59 हजार 29 रुपये हो चुका है यानी करीब 58 हजार रुपये ज्यादा राशि मिली है.

टाटा वर्कर्स यूनियन के सारे पदाधिकारी यूनियन में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए. इसमें शत्रुघ्न राय नहीं है, जिनकी तबीयत खराब चल रही है.

ऐसे मिला है इस बार बोनस :

प्रोफिट (मुनाफा) पर-कुल मुनाफा का 1.5 फीसदी-इस साल प्रोफिट 9752.13 करोड़ (सारी खरीद बिक्री व अन्य चीजों को छोड़कर) रुपये हुआ, जिस पर 146.28 करोड़ रुपये मिला. इस बार सेलेबल स्टील 12.04 टन था.

प्रोडक्टिविटी-टेबुल तय है कि कितना पर कितना मिलना है (ऊपर चार्ट देखें)-

प्रोफिटेबिलिटी-टेबुल तय है कि कितना पर कितना मिलना है (ऊपर चार्ट देखें)-प्रोफिटेबिलिटी 8098 प्रति टन सेलेबल स्टील पर 51.5 करोड़ रुपये

सेफ्टी-कितनी दुर्घटनाएं हुई है, उसके आधार पर यानी 0.40 से नीचे अगर एलटीएफआर रहेगा तो 5 करोड़ रुपये और अगर उससे ज्यादा होगा तो शून्य राशि मिलना है (ऊपर चार्ट देखें)-क्रूड स्टील की बिक्री 12.19 टन और कर्मचारी कुल है 22871, जिसकी प्रोडक्टिविटी के तहत 533 प्रति कर्मचारी प्रति टन प्रति वर्ष के लिहाज से इस पर 72.5 करोड़ रुपये मिला

इस साल सबसे जल्दी हुआ बोनस समझौता

इस साल बोनस का समझौता काफी पहले हुआ है. करीब 15 साल का आंकड़ा देखे तो 22 अगस्त को सबसे पहले समझौता वर्ष 2017-2018 में हुआ था, लेकिन इस बार 18 अगस्त को ही समझौता हो गया.

कब-कब हुआ बोनस समझौता :

वित्तीय वर्ष-कब हुआ बोनस

2006-2007-05 सितंबर 2007

2007-2008-05 सितंबर 2008

2009-2010-11 सितंबर 2010

2010-2011-21 सितंबर 2011

2011-2012-12 अक्तूबर 2013

2012-2013-23 सितंबर 2013

2013-2014-07 सितंबर 2014

2014-2015-07 अक्तूबर 2015

2015-2016-19 सितंबर 2016

2016-2017-31 अगस्त 2017

2017-2018-22 अगस्त 2018

2018-209-09 सितंबर 2019

2019-2020-14 सितंबर 2020

2020-2021-18 अगस्त 2021

अध्यक्ष से ज्यादा बोनस कई अन्य पदाधिकारी को

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पद पर आसीन संजीव चौधरी टुन्नु से ज्यादा कई पदाधिकारी को बोनस मिलने वाला है. इसको लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई है.

संजीव चौधरी टुन्नु, अध्यक्ष-2 लाख 3 हजार रुपये

सतीश सिंह, महासचिव-2 लाख 7 हजार रुपये

शैलेश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट-2 लाख 10 हजार रुपये

शहनवाज आलम, उपाध्यक्ष-2 लाख 10 हजार रुपये

संजय सिंह, उपाध्यक्ष-1 लाख 62 हजार 910 रुपये

शत्रुघ्न राय, उपाध्यक्ष-2 लाख 60 हजार रुपये से अधिक

संजीव तिवारी, उपाध्यक्ष-74 हजार 188 रुपये (एनएस ग्रेड)

नितेश राज, सहायक सचिव-1 लाख 85 हजार रुपये

सरोज सिंह, सहायक सचिव-2 लाख 8 हजार 618 रुपये

अजय चौधरी, सहायक सचिव-1 लाख 72 हजार 830

हरिशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष-2 लाख 50 हजार रुपये

पिछले साल के अनुपात में कहां है इस साल का बोनस समझौता

कर्मचारियों के आइटम  इस     साल  पिछले साल

कुल कर्मचारी जमशेदपुर में—   12558—————12807

बोनेसेबल अमाउंट———          1631.62 करोड़ रुपये—1825.37 करोड़ रुपये

कुल बोनस की राशि———    270.28 करोड़ रुपये—-235.54 करोड़ रुपये

जमशेदपुर में बोनस की राशि बंटेगी -158.31 करोड़—-142.05 करोड़ रुपये

अधिकतम बोनस की राशि——-  3,59,029 रुपये—–3,01,402 रुपये

एनएस ग्रेड का अधिकतम बोनस—   92,910 रुपये——-84,496 रुपये

अधिकतम बोनस पूरा अटेंडेंस वाले एनएस ग्रेड को-  34,290 रुपये–26839 रुपये

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